सुबह की शुरुआत करें द्वारकाधीश मंदिर के पास ठहर कर स्थानीय नाश्ते का आनंद लेकर, फिर सीधे रामानुज पीठ और उसके पास स्थित शांत आंगन में शांति अनुभव करें; सुबह की सुबह की आरती का माहौल और समुद्र की नम हवा मन को सुकून देगी। उसके बाद एक छोटी पैदल सैर पर जाकर बेट द्वारका के फेरी टर्मिनल की ओर जाएँ और फेरी लेने से पहले किनारे पर बने स्थानीय मछली बाजार और मंदिर के आसपास के पारंपरिक शिल्प की झलक देखें।
दोपहर में गोविंदधम बाजार के रंग-बिरंगे दुकानों और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें; यहाँ के कानाफूसी किए गए पापड़ और स्थानीय मिठाइयाँ आज की यात्राओं के लिए छोटे उपहार बनेंगी। फिर तट के पास स्थित चार कोपड़ा चौकी की ओर पैदल चलें जहाँ से समुद्र की लहरों का करीब से अनुभव मिलता है और शाम की हल्की हवा में आप पास के पारसनाथ विस्फोटक गैलरी जैसी छोटी कला-दीपनियों को देखकर स्थानीय शिल्प की और जानकारी ले सकते हैं।
शाम को आराम और स्थानीय संस्कृति का मेल पाने के लिए नवकरण समुद्र तट पर चलें, जहाँ सूर्यास्त के गुलाबी रंग और शीतल समुद्री हवा के साथ परिवार के लिए तसवीरें लेने का बेहतरीन मौका मिलेगा। इसके बाद पास ही स्थित इन्द्राणी घाट पर जलस्तुति का अनुभव लें और स्थानीय व्यंजनों का हल्का स्नैक आजमाने के लिए दरबार बाजार फेस-लाइट स्टॉल्स पर रुकें, जहाँ से आप ताजे समोसे और मसालेदार चाय के साथ दिन भर के अनुभव साझा कर सकते हैं।
सुबह की शुरुआत करें नवनीत तट पर सूर्योदयं दर्शन के साथ, जहाँ समुद्र के किनारे ताज़ी हवा और नरम रेत पर पैदल चलने का आनंद मिलेगा; उसके बाद पास ही स्थित गुफा अरिण्यक दर्शन में जाकर शांतिपूर्ण गुफा मंदिर और प्राचीन मूर्तियों की बारीकी से जानकारी लें। नाश्ते के लिए वापस निकलते हुए स्थानीय समुद्री कैफ़े रीड-लाइट पर रुककर ताज़ी समुद्री व्यंजन और मसालेदार स्थानीय चाय का स्वाद लें, जिससे आप दिन भर के द्वीप भ्रमण के लिए ऊर्जावान महसूस करेंगे।
दोपहर में नरमदा तीर्थ की ओर चलें जहाँ शांत जलकुंड और छोटी घाटियां आपके समूह को विश्राम का अच्छा मौका देंगी; यहाँ की पारंपरिक प्रसाद थाली चखकर स्थानीय भोजना का अनुभव करें। फिर पास ही स्थित राधानाथ हेरिटेज वॉकवे पर पैदल सफर करें, जहाँ पुराने हवेलियों और समुद्री किनारे की झलक देखते हुए स्थानीय हस्तशिल्प की छोटी दुकानों में रुकी जा सकती है।
शाम को नाडियादारा लाइटहाउस के पास जाकर समुद्र के किनारे वाली पैदल पट्टी पर धीमी सैर करें, जहाँ ऊँचे चट्टानों से टकराती लहरों की आवाज़ और लाइटहाउस की रोशनी मिलकर एक मनोरम नज़ारा बनाते हैं; शीर्ष पर चढ़कर हल्की देर बैठकर सूर्यास्त का दृश्य लें। इसके बाद पास ही स्थित भृगुपुण्डा घाट पर स्थानीय मछली पकवानों वाले छोटे धारती स्टॉल्स पर रुकें और ताजे समुद्री व्यंजनों का स्वाद लेते हुए शाम की शांति में परिवार के साथ अनुभव साझा करें।
सुबह की शुरुआत करें गुर्जर माता मंदिर (जहाँ से शांत संकरी सड़कें समुद्री दृश्यों तक ले जाती हैं) में जल्दी दर्शन कर के, जहाँ का प्रातःकालीन माहौल और मंदिर के पास से दिखता हुआ कुरकुरा समुद्री किनारा मन को शांत कर देगा; उसके बाद नज़दीकी कच्छल बीच लेन पर निकलकर ताज़ा समुद्री हवा में पैदल चलें और स्थानीय मछुआरों की फेरी देख-परख कर उनके ताज़ा पकवानों की खुशबू का आनंद लें। यात्रा की क्रमवारता बनाए रखने के लिए अगला पड़ाव व्यंकटनारायण पिकनिक स्पॉट की ओर बढ़ें, जहाँ पर परिवार के साथ छोटा-सा ब्रेक लेकर समुद्र के किनारे चाय और हल्का नाश्ता करें ताकि दोपहर की लंबी ड्राइव के लिए ऊर्जा बनी रहे।
दोपहर में गाड़ी लेकर नारमणधरा बीच पर संक्षिप्त विश्राम करें जहाँ परिवार समुद्री हवा में पिकनिक-लंच का आनंद ले सकता है और बच्चों के लिए रेत के महल बनाने का समय होगा; पास ही स्थित ब्रह्मारकुंड तालाब पर झरने के किनारे थोड़ा टहलकर ताज़ा पानी और प्राकृतिक छाया का आनंद लें। इसके बाद मार्ग में पड़ने वाले सातपाड़ा फोटो-पॉइंट पर रुकर समुद्री किनारे के अनूठे चट्टानी नज़ारों और समूह फोटो के लिए समय निकालें, ताकि यात्रा का मूड सोमनाथ की ओर बढ़ते हुए भी बना रहे।
सफर के थकान मिटाने के लिए शाम को विन्ध्याचल वेधशाला पार्क में ठहरकर ताजी हवा और सूर्यास्त के रंगों का आनंद लें, जहाँ बच्चों के लिए छोटे झूले और पैदल पथ हैं; फिर पास ही स्थित कृष्णकुंड मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण संध्या आरती का अनुभव लें और स्थानीय प्रसाद चखकर दिन भर की यात्रा पर चर्चा करें। अंत में सोमनाथ की ओर जाने वाली नेशनल हाईवे पर स्थित रोडसाइड रेस्टो-पॉइंट पर ताजे समुद्री पकवान या हल्का स्नैक लेकर रात की यात्रा के लिए तरोताजा हो जाएँ।
सुबह की शुरुआत करें सोमनाथ समुद्रतटीय पैदल मार्ग पर हल्की सैर से, जहाँ सुबह की ठंडी हवा और लहरों की आवाज़ के साथ परिवार के लिए सुंदर फोटो-मॉमेंट बनेंगे; इसके बाद सीधे चलें अदला-भदला मंदिर परिसर में जाकर शांतिपूर्ण प्रातः दर्शन और मंदिर के प्राचीन शिल्प की संक्षिप्त व्याख्या सुनें। अंत में पास के सोमनाथ प्रकाश संग्रहालय में रुकर मंदिर के इतिहास और स्थानीय समुद्री विरासत के बारे में दृष्टान्त देखें ताकि वापसी के दौरान यात्राओं का भाव संजोया जा सके।
दोपहर में सोमनाथ प्राचीन कुंड के किनारे शांति लेकर हल्का भोजन करें और फिर परिवार के साथ वेरावल पोर्ट व्यू-प्वाइंट पर घूमते हुए समुद्री किनारे के विस्तृत नज़ारों के बीच फोटो सेशन करें; बच्चों के लिए पास ही स्थित लघु समुद्री जीव संरक्षण केंद्र में स्थानीय समुद्री जीवन की छोटी-सी गाइडेड नेचर वाक करवा सकते हैं। वापस होटल लौटते समय रास्ते में लोकल हैंडीक्राफ्ट बाजार पर रुककर सूत और शंख से बने स्मृति-चिन्ह खरीदें ताकि यात्रा की याद ताज़ा रहे और वापसी के लिए पैकिंग आसान हो।
शाम को बीच-फेसिंग शंख मंदिर पार्क में हल्की सैर करें जहाँ समुद्र के किनारे बैठे-बैठे परिवार साथियों के साथ समृद्ध शंख-शिल्प और लोकनृत्य प्रदर्शनी देख सकते हैं; यहाँ का शांतलौकिक वॉक और फोटो-कोर्नर आपके यात्रा के अंतिम क्षणों को यादगार बनाएंगे। इसके बाद महामुनि घाट प्लेटफ़ॉर्म पर जाकर संध्या आरती की छोटी प्रस्तुति देखें और पास की समुद्री व्यंजन कोठी में स्थानीय झींगा/मछली स्पेशल के साथ हल्का डिनर लेकर वापसी के लिए बैग-पैकिंग व धीरे-धीरे प्रस्थान की तैयारी करें।