सुबह की शुरुआत हवाई अड्डे से निकलकर रास्ते में हल्का नाश्ता लेने और ताजगी के बाद अमृतसर का स्थानीय बाज़ार (Hall Bazaar) में एक छोटा वॉक करके करें, जहाँ आप पारम्परिक पंजाबी नाश्तों जैसे अमृतसरी कुल्चा और नान के स्टॉल देख सकते हैं। इसके बाद टीम के साथ मिलकर लाल किला रोड पर स्थित पुराने गुरुद्वारे की तरफ़ जायें जहाँ प्रातः की शांति और स्थानीय भजन आपको ऊर्जा देगी, फिर समूह 11:30 बजे के लिए जलियांवाला बाग के पास दोपहर के कार्यक्रम के लिए तैयार होगा।
दोपहर की शुरुआत में समूह हेरिटेज स्ट्रीट (कमल कपूर रोड के आसपास) की ओर बढ़ेगा जहाँ रंग-बिरंगे दुकानों और स्थानीय कढ़ाई-कार्यशालाओं का आनंद लिया जा सकता है; यहाँ आप पारंपरिक फुलकारी और पगड़ी खरीदने का मौका पाएँगे। फिर टीम बर्रा बाजार या लखमी चोला दुकान जैसे प्रसिद्ध स्थानीय भोजन स्थलों में से किसी एक पर पारंपरिक पंजाबी दोपहर का भोजन करेगी, उसके बाद आराम के लिए निकटवर्ती Company Bagh में हल्की सैर और समूह फोटोशूट होगा।
शाम को समूह हरी पट्टी (Hall Bazaar के बाहर की गलियाँ) में लोकल शिल्प और हल्के स्नैक्स का आनंद लेगा, जहाँ आप तंदूरी चाय और चौथे की दुकानें ट्राय कर सकते हैं; इसके बाद एक शांत पैदल सैर के लिए राजा वाली गली के पारंपरिक काफे में बैठकर स्थानीय कलाकारों द्वारा बजाई जा रही फोक संगीत का आनंद लें। दिन भर की थकान मिटाने के लिए रात का समापन लाइटेड अरोटिक स्ट्रीट व्यू प्वाइंट पर समूह फोटो और हल्का दोस्तों-मिलन कर के होगा, इससे अगले दिन की चिंतपूर्णी यात्रा के लिए समूह में ऊर्जा बनी रहेगी।
सुबह समूह की शुरुआत होगी चिंतपूर्णी मंदिर के पैदल मार्ग पर हल्की प्रार्थना और भजन-सत्र के साथ, जहाँ से पहाड़ों की ठंडी हवा और घाटियों के नज़ारे मन को प्रसन्न कर देंगे; यहाँ के स्थानीय पुजारियों के साथ दर्शन के बाद आप पहाड़ी चाय की ठेली पर बैठकर पारंपरिक अदरक-चाय और स्थानीय पकौड़ों का आनंद लेंगे। तत्पश्चात समूह छोटी ड्राइव पर पहुंचकर विजय स्तम्भ के पास फोटोपॉइंट पर रुकेगा जहाँ मार्गदर्शक स्थानिक लोककथाओं के साथ अगली मंजिल - ज्वाला माता - की कथा बताएगा और यात्रियों को आगे के सहज समय-सारणी के लिए तैयार करेगा।
दोपहर में समूह पहले स्थानीय हाट (बाज़ार) में हल्का भोजन और स्थानीय हस्तशिल्प का अवलोकन करेगा जहाँ आप हिमालयी मसालों और हस्तनिर्मित पाखानों के छोटे उपहार खरीद सकते हैं; इसके बाद एक सुखद ड्राइव के बाद रानी कुंड 전망बिंदु पर रुककर घाटी के विस्तृत नज़ारों के साथ फोटो और शान्ति का क्षण बिताया जाएगा। शाम तक टीम गाँव के छोटे चायघर (लोकल ढाबा) पर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेकर आगे की रात्रीय यात्रा के लिए ताज़ा होकर ज्वाला माता की ओर प्रस्थान करेगी।
शाम को समूह पहले ग्राम्य भोजनालय (लोकल धर्जी ढाबा) में ठहराव कर स्थानीय दाल-रोटी और हिमालयी अचार का स्वाद लेगा, जिससे यात्रा की थकान मिटेगी और आगे के रात्री अनुष्ठान के लिए ऊर्जा मिलेगी। उसके बाद टोली ज्वालामुखी के पास स्थित छोटे तारों भरे व्यू-पॉइंट (Sunset Ridge Viewpoint) पर रुकेगी जहाँ सूरज ढलते समय घाटी की सुनहरी चमक के साथ शांत ध्यान और समूह आरती का अनुभव होगा।
सुबह की शुरुआत बगलामुखी के शांत पवित्र प्रांगण में प्रातः दर्शन और शांति ध्यान से करें, जहाँ मंदिर की घंटियों और स्थानीय भजन के बीच विशेष पुजारी सत्र का अनुभव मिलेगा; दर्शन के बाद समूह पास के बगलामुखी पीठ के आसपास के हरे-भरे वॉक-ट्रेल पर छोटी सैर कर के माँ के मंदिर से जुड़ी लोककथाएँ और वनस्पति का अवलोकन करेगा। उसके बाद टीम स्थानीय देवदार-छायादार पार्क में ठहर कर हिमालयी नाश्ते (गरम चाय, आलू पराठा) लेकर आगे कांगड़ा की ओर बढ़ने के लिए ऊर्जा जुटाएगी।
दोपहर में समूह कांगड़ा म्यूज़ियम (टाइगर हिल संग्रहालय) की तरफ़ बढ़ेगा जहाँ स्थानीय युद्धकथा और पौराणिक कला की संग्रह-प्रदर्शनी देखी जा सकेगी; इसके बाद पास के रघुनाथ मंदिर के प्रांगण में शांत समय बिताकर मंदिर आस-पास के स्थानीय बुटीक-स्टालों से हिमालयी मसाले और हस्तशिल्प खरीदने का अवसर मिलेगा। फिर टीम एक छोटी ड्राइव पर नेचर व्यू पॉइंट (लालपानी व्यू-टॉप) पर रुकेगी जहाँ घाटी के व्यापक नजारों के बीच चाय और हल्का नाश्ता कर के शाम के चामुंडा के मार्ग के लिए ताज़ा होकर प्रस्थान करेगी।
शाम के समय समूह कांगड़ा के पारंपरिक चौहान चौक में ठहरकर स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेगा और हाथ से बने हिमालयी नमकीन और चाय ली जाएँगी; यहाँ के छोटे बुटीकों में हाथ की बनी शाल और लोककला खरीदने का अवसर मिलेगा। उसके बाद एक संक्षिप्त ड्राइव पर टीम सूर्यास्त विहार (Sunset Terrace at Dharamkot Road) पर रुकेगी जहाँ पेड़ों से घिरी खुली छत से घाटी पर डूबते सूरज के रंगों के साथ शांत ध्यान और समूह-विचार सत्र होगा, फिर चामुंडा के निकट होटल/आश्रम में रात्रि विश्राम के लिए प्रस्थान।
सुबह की शुरुआत गांव के शांत चामुंडा घाटी के सामने बने खुले प्रार्थना-मंडप में हल्की पूजा और मंत्र-जप के साथ करें, जहाँ सूर्योदय के साथ मंदिर की घंटियों और पहाड़ी हवाओं का सामंजस्य आत्मा को शांति देगा; उसके बाद समूह लोक मार्ग से नीचे उतरकर नजदीकी तुलसी उद्यान (स्थानीय हर्बल गार्डन) में मार्गदर्शक के साथ चलें, जहाँ पहाड़ी जड़ी-बूटियों और पारंपरिक पूजा में प्रयुक्त औषधीय पौधों का परिचय और छोटा इन्फ़ॉर्मल वर्कशॉप होगा।
दोपहर में समूह पहले चामुंडा मंदिर के पास स्थित लोकल भंडारे क्षेत्र में जाकर ताजगी भरा लंगर-दोपहर का स्वाद लेगा और स्थानीय मंदिर सेवा के बारे में जानकारियाँ प्राप्त करेगा; इसके बाद एक साहसिक परिप्रेक्ष्य के रूप में टीम त्रिवेणी व्यू-प्लैटफॉर्म की ओर छोटी पैदल चढ़ाई करेगी जहाँ से घाटी और आसपास के मंदिरों का व्यापक दृश्य मिलेगा और समूह चित्र-अवसर होगा। इसके बाद शांत समय के लिए आप सब मिलकर स्थानीय हर्बल स्टॉल (आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की दुकानों) पर रुकेंगे जहाँ पारंपरिक मालम और शीतल पेय का अनुभव करके शाम के प्रातः अनुष्ठान और विश्राम के लिए वापस आवास स्थल की ओर लौटेंगे।
शाम को समूह पहले चिरपरिचित लोकल चौपाल में मिलकर हल्का नाश्ता और स्थानीय कहानियों के साथ दिनभर के अनुभव साझा करेगा, फिर एक छोटी ड्राइव पर जाकर पिंडरा विहार पॉइंट पर सूर्यास्त का नज़ारा देखेगा जहाँ घाटी पर सुनहरी चादर बिछी मिलती है। उसके बाद सभी के लिए शांत अनुभव हेतु ग्राम्य आयुर्वेदिक मसाज शेड में सूक्ष्म मालिश और हर्बल चिड़िया-चाय का सत्र रखा गया है, इससे आप तरोताज़ा होकर आस-पड़ोस के छोटे देवी-भजन समारोह में शामिल होकर रात्री विश्राम के लिए लौटेंगे।
सुबह की शुरुआत एक शांत ड्राइव के बाद कांगड़ा दर्रे के ओवरलुक पॉइंट पर सूर्य की पहली किरणों के साथ गरमा-गरम चाय और पकोड़े लेकर करें; वहाँ से समूह छोटे ट्रेक पर निकल कर भुंतर कपाटी ट्रेल के आसपास के आरामदायक वॉक-मार्गों में ताज़ी पहाड़ी हवा और स्थानीय नाच-गीतों की छोटी प्रस्तुतियों का आनंद लेगा। इसके बाद समूह न्यू मैकलॉडगंज चौक के किनारे स्थित एक स्थानीय बेकरी-कैफे में बैठकर ताज़ा ब्रेकफास्ट-हिमालयी जड़ी-बूटियों वाली चाय और होममेड पराठा-के साथ अगली गतिविधियों के लिए योजना साझा करेगा।
दोपहर में समूह पहले नागर घाटी आर्टिसन मार्केट (Nagar Valley Artisan Market) की ओर जाएगा जहाँ स्थानीय तिब्बती और हिमाचली हस्तशिल्प, शाल-स्कार्फ़ और चाय-पॉट संग्रहों की खोज के साथ खरीदारी का आनंद लिया जाएगा। फिर मार्गदर्शक के साथ एक छोटी पैदल सैर होगी तक़रीबन 45 मिनट की, जो सोचोलो का हेरिटेज वॉकवे (Socholo Heritage Walkway) से होकर गुज़रेगी - रास्ते में आप स्थानीय बुटीक कैफ़े में बैठकर हिमालयी बटरटी चाय और थोक-आधारित स्नैक्स का स्वाद लेंगे और मैकलॉडगंज के शांत गली-परिदृश्यों में समूह फोटो व स्थानीय कथाएँ सुनने का समय होगा।
शाम को समूह पहले टोलनागर रोपवे व्यू-पॉइंट पर रुककर हल्की चाय और सूर्यास्त के वक्त घाटी का विस्तृत नज़ारा देखें, जहाँ स्थानीय मार्गदर्शक क्षेत्र की तिथिक कहानियाँ साझा करेगा। उसके बाद आप सब मिलकर वाइल्डलाइफ फ़ूड-फेयर (स्थानीय फूड स्टॉल एरिया) में ठहरेंगे जहाँ हिमाचली पकवानों जैसे मक्के की रोटी और सत्तू-आधारित स्नैक्स का स्वाद लेकर छोटे संगीत कार्यक्रम और लोक नृत्यों का आनंद लिया जाएगा, अंत में नज़रिया कॉफ़ी हाउस के खुले आँगन पर आराम करते हुए अगले दिन के लिए संक्षिप्त समूह-वार्ता और रात्रि विश्राम के लिए वापस लौटेंगे।
सुबह का आरंभ करें न्यू मैकलॉडगंज चाय-प्लाज़ा में गरमा गरम हिमालयी बटरटी चाय के साथ, फिर समूह के साथ एक हल्की अवस्था-सैर लें जो त्रिउंधर रोड़ (Triund Road lookout) के शांत दृश्य तक जाती है जहाँ सुबह की धूप में कांगड़ा घाटी का विस्तृत नजारा मिलता है; इसके बाद स्थानीय संस्कृति का अनुभव करने के लिए डोधा बाजार की छोटी तिब्बती बेकरी में बैठकर तिब्बती मोमो और होममेड ब्रेड का स्वाद लें और पास वाले कलाकारों के हाथ के बने स्मृति-चिन्ह देखें।
दोपहर में समूह नॉर्थ कैफ़े (North Café) के खुला आँगन में स्थानीय शाकाहारी थाली का हल्का भोजन करेगा, फिर एक सांस्कृतिक वॉक के लिए निकलेगा जो तिब्बती पुस्तकालय (Library of Tibetan Works & Archives के आसपास के गली-रास्ते) और पास के लोकल आर्ट स्टूडियो तक जाएगी जहाँ कलाकारों से छोटे हस्तशिल्प-डेमो और हस्तलिखित प्रतीक खरीदने का मौका मिलेगा। समय बचाते हुए आप सब मिलकर सांस्कृतिक कन्फ्लुएंस पार्क (Culture Confluence Park) में बैठकर मैकलॉडगंज की तिब्बती-हिमाचली जीवनशैली पर मार्गदर्शक से संक्षिप्त चर्चा करेंगे और शाम 6 बजे के पठानकोट प्रस्थान के लिए वाहन पर लौटेंगे।
शाम की शुरुआत करें बाघ विपक्षी कैफ़े-स्ट्रीट (Lama Road side cafés) में हल्की चाय और स्थानीय जलेबी के साथ जहाँ से ढलते सूरज में पहाड़ी रंग बदलते देखने को मिलते हैं; उसके बाद समूह नुल्लाह ब्रिज के नज़दीकी बुटीक गलियारे (Boutique Alley near Nallah Bridge) में घूमते हुए तिब्बती शाल और हस्तकला के अंतिम स्मृति-चिन्ह खरीदेगा। प्रस्थान से पहले एक शांत समापन के लिए हिमालयन व्यू-टॉप (Himalayan View Terrace) पर मिलकर साझा-फोटो और एक संक्षिप्त धन्यवाद-सत्र होगा, फिर टीम निर्धारित समय पर पठानकोट के लिए वाहन पर रवाना होगी।