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Haridwar to Kedarnath and Badrinath Spiritual Yatra Route via Garhwal

Day 1 · Sat, Jun 6
Rudraprayag

Haridwar to Rudraprayag via Devprayag and Guptkashi

  1. हरिद्वार रेलवे स्टेशन से प्रस्थानHaridwar Railway Station, Haridwar — सुबह 330 बजे निकलें; Haridwar से Devprayag तक यात्रा ~3.5–4 घंटे, बस/टैक्सी के लिए पहले से पिक-अप तय रखें।
  2. श्री रघुनाथ जी मंदिर, देवप्रयागDevprayag Bazaar area — अलकनंदा–भागीरथी संगम के पास यह प्रमुख तीर्थ स्थल है; सुबह ~45 मिनट, शांत दर्शन के लिए।
  3. मिलन घाट / संगम दर्शन, देवप्रयागSangam area — दो पवित्र नदियों के मिलन का दिव्य दृश्य मिलता है; सुबह ~30 मिनट।
  4. माँ धारी देवी मंदिरSrinagar–Rudraprayag highway (near Kaliasaur) — “गढ़वाल की रक्षक देवी” के दर्शन के लिए ज़रूरी पड़ाव; सुबह/दोपहर ~1 घंटा, हाईवे पार्किंग से थोड़ा पैदल।
  5. कर्णप्रयाग संगमKarnaprayag town — रास्ते में अलकनंदा और पिंडर के संगम का सुंदर दृश्य; दोपहर ~30–40 मिनट।
  6. श्री केदारनाथ रसोई / स्थानीय भोजनRudraprayag market — ठंडी यात्रा के बाद गरम खाना लें; ₹250–₹450 प्रति व्यक्ति, शाम ~1 घंटा।

सुबह: हरिद्वार रेलवे स्टेशन से प्रस्थान

आज की यात्रा बहुत तड़के शुरू होगी—सुबह 3:30 बजे Haridwar Railway Station से निकलना सबसे सही रहता है, ताकि देवप्रयाग तक की लगभग 3.5–4 घंटे की सड़क यात्रा बिना जल्दबाज़ी पूरी हो सके। अगर टैक्सी/प्राइवेट कैब ले रहे हैं तो पिक-अप पहले से तय कर लें; बस से जा रहे हों तो रात पहले टिकट और सीट कन्फर्म कर लें। स्टेशन के बाहर सुबह इतनी जल्दी चाय की कुछ छोटी दुकानें खुल जाती हैं, लेकिन पानी, हल्का स्नैक, और दवाइयाँ अपने साथ रखना अच्छा रहता है। रास्ते में श्रीनगर-ऋषिकेश हाईवे पर चढ़ाई-उतार, मोड़, और अलकनंदा के किनारे सुंदर नज़ारे मिलते हैं—इसलिए ड्राइवर से कहें कि देवप्रयाग बाजार के पास पार्किंग/ड्रॉप आराम से करे, क्योंकि तीर्थ क्षेत्र में भीड़ के समय गाड़ी रोकना मुश्किल हो सकता है।

प्रातः दर्शन: श्री रघुनाथ जी मंदिर और मिलन घाट / संगम दर्शन, देवप्रयाग

देवप्रयाग पहुँचकर पहले श्री रघुनाथ जी मंदिर में दर्शन करें। यह मंदिर देवप्रयाग बाजार एरिया में है और संगम दर्शन से पहले यहाँ रुकना अच्छा लगता है, क्योंकि माहौल बहुत शांत और भक्तिमय होता है। सामान्यतः यहाँ 30–45 मिनट पर्याप्त रहते हैं; जूते बाहर, और प्रसाद/आरती के समय कुछ अतिरिक्त मिनट रख लें। इसके बाद नीचे संगम क्षेत्र में जाकर मिलन घाट पर अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र मिलन का दृश्य देखें—सुबह के समय पानी का रंग, शंख-ध्वनि, और मंदिरों की घंटियाँ मिलकर बहुत दिव्य अनुभव देती हैं। अगर चाहें तो घाट पर 10–15 मिनट बैठकर ध्यान करें; यहाँ भीड़ कम रहती है, इसलिए फोटो और शांत दर्शन दोनों आराम से हो जाते हैं।

दोपहर की ओर: माँ धारी देवी मंदिर और कर्णप्रयाग संगम

देवप्रयाग से आगे Srinagar–Rudraprayag highway पर माँ धारी देवी मंदिर के लिए रुकें—इसे गढ़वाल की रक्षक देवी माना जाता है और यह यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक है। हाईवे से पार्किंग तक थोड़ा पैदल चलना पड़ सकता है, इसलिए आरामदायक जूते रखें; दर्शन और आसपास के वातावरण को देखने के लिए लगभग 45 मिनट से 1 घंटा रखें। इसके बाद आगे बढ़ते हुए कर्णप्रयाग में संगम दर्शन करें, जहाँ अलकनंदा और पिंडर का संगम दिखता है। यहाँ बस/टैक्सी कुछ देर के लिए नदी किनारे रुकती है—30–40 मिनट काफी रहते हैं। दिन का यह हिस्सा लंबा है, इसलिए रास्ते में पानी, फल, और हल्का भोजन लेते रहें; छोटे ढाबों पर ₹80–₹150 में चाय-नाश्ता और ₹200–₹300 में साधारण थाली मिल जाती है।

शाम: रुद्रप्रयाग पहुँचकर श्री केदारनाथ रसोई / स्थानीय भोजन

शाम तक Rudraprayag market में ठहरकर गर्म, सादा, और पेट-भर भोजन करना सबसे अच्छा रहता है—यहाँ यात्रा-थकान के बाद श्री केदारनाथ रसोई जैसे स्थानीय भोजनालयों में थाली, खिचड़ी, दाल-चावल, पराठा, चाय आसानी से मिल जाते हैं, आमतौर पर ₹250–₹450 प्रति व्यक्ति के बजट में। आज के सफर के बाद जल्दी सोना समझदारी है, क्योंकि अगले दिन आगे पहाड़ी यात्रा और तीर्थ दर्शन हैं। अगर समय और ऊर्जा बची हो तो बाजार में थोड़ी देर टहल लें, लेकिन लंबी सैर न करें—कल की सुबह फिर समय से निकलना होगा।

Day 2 · Sun, Jun 7
Kedarnath

Sersi Helipad to Kedarnath Darshan

Getting there from Rudraprayag
Helicopter transfer via IRCTC/UTDB-approved booking from Sersi/Phata/Guptkashi helipads to Kedarnath (8–10 min in air; allow 2–4 hours total with check-in/queue/weather). Best to take the earliest morning slot.
Trek from Gaurikund to Kedarnath (16–18 km, 6–8 hours one way; low cost, but only if you’re already starting from the trailhead and weather is good).
  1. सersi Helipad से उड़ान/ट्रांसफरSersi Helipad, Guptkashi region — सुबह 5:30–7:00 बजे स्लॉट के अनुसार रिपोर्ट करें; Kedarnath तक हेलिकॉप्टर ~8–10 मिनट, बैगेज और मौसम अपडेट पहले जांचें।
  2. श्री केदारनाथ धामKedarnath Temple परिसर — यात्रा का मुख्य दर्शन; सुबह से देर सुबह ~2–3 घंटे, पूजा/क्यू समय जोड़ें।
  3. भीम शिला और मंदिर परिसर परिक्रमाKedarnath base area — मंदिर के आसपास छोटा लेकिन आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण घूमना; ~30–45 मिनट।
  4. भैरवनाथ मंदिरKedarnath ridge — धाम के रक्षक भैरव बाबा के दर्शन के लिए आवश्यक; दोपहर ~1 घंटा, थोड़ा चढ़ाई वाला रास्ता।
  5. रुद्राभिषेक/भोग प्रसाद अनुभवTemple vicinity — स्थानीय तीर्थ वातावरण का हिस्सा, प्रसाद लेकर यात्रा पूर्ण करें; ~30 मिनट।
  6. केदारनाथ गुरुद्वारा/धाम के पास लंगर भोजनTemple area — साधारण, पौष्टिक भोजन; ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति, दोपहर/शाम ~45 मिनट।

सुबह: सर्सी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान ✈️🕉️

आज का दिन बहुत ही जल्दी और व्यवस्थित शुरुआत मांगता है—सर्सी हेलीपैड पर अपनी रिपोर्टिंग सुबह 5:30–7:00 बजे के स्लॉट के हिसाब से कर लें, क्योंकि मौसम पहाड़ों में पल-पल बदलता है। बोर्डिंग से पहले पहचान-पत्र, बुकिंग कन्फर्मेशन और हल्का बैग ही साथ रखें; हेलिकॉप्टर का सफर सिर्फ 8–10 मिनट का होता है, लेकिन चेक-इन, वेटिंग और मौसम-स्वीकृति मिलाकर 2–4 घंटे का समय मानकर चलें। श्री केदारनाथ धाम में उतरते ही भीड़ के हिसाब से धीरे-धीरे आगे बढ़ें—यहाँ ऊँचाई ज़्यादा है, इसलिए पहले 10–15 मिनट थोड़ा आराम करके साँस सामान्य होने दें।

सुबह से देर सुबह: श्री केदारनाथ धाम में दर्शन 🛕🔱

मुख्य दर्शन के लिए केदारनाथ मंदिर परिसर में आम तौर पर 2–3 घंटे आराम से रखिए—कतार, आरती, सुरक्षा जांच और मंदिर के भीतर का समय इसमें शामिल है। सुबह के समय रौशनी भी सुंदर होती है और भीड़ दोपहर की तुलना में थोड़ी संभली रहती है, इसलिए यही सबसे सही विंडो है। दर्शन के बाद भीम शिला और आसपास का मंदिर परिसर परिक्रमा वाला हिस्सा ज़रूर करें; यह छोटा-सा वॉक है, लगभग 30–45 मिनट, लेकिन यहाँ की शांति और हिमालयी नज़ारा यात्रा को बहुत गहरा बना देता है।

दोपहर: भैरवनाथ मंदिर, फिर प्रसाद और लंगर भोजन 🙏🍛

दोपहर में भैरवनाथ मंदिर की ओर जाएँ—यहाँ तक रास्ता थोड़ा चढ़ाई वाला है, इसलिए आराम से चलें और पानी साथ रखें। दर्शन के लिए लगभग 1 घंटा पर्याप्त रहता है, और धाम के रक्षक माने जाने वाले भैरव बाबा के दर्शन के बाद यात्रा का आध्यात्मिक भाव और भी पूर्ण लगता है। इसके बाद रुद्राभिषेक/भोग प्रसाद का अनुभव लें; मंदिर परिसर के आसपास मिलने वाला प्रसाद सादा, पवित्र और बहुत संतोष देने वाला होता है—करीब 30 मिनट रखें। भूख लगे तो केदारनाथ गुरुद्वारा या धाम के पास लंगर में बैठकर भोजन कर लें; यहाँ साधारण लेकिन भरपेट खाना मिलता है, आमतौर पर ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति के आसपास, और यह पहाड़ी दिन में सबसे अच्छा, हल्का-फुल्का विकल्प है।

शाम: धीरे-धीरे विराम लें 🌄

दोपहर के बाद केदारनाथ में ज़ोर-शोर करने के बजाय थोड़ा शांत समय रखें—गुंबद, घाटी और मंदिर प्रांगण में बैठकर यह महसूस करना ही इस दिन का असली सार है। यदि मौसम खुला हो, तो शाम की ठंडी हवा में कुछ देर बाहर रुककर फोटो लें, लेकिन ऊँचाई और थकान को हल्के में न लें। अगले दिन की वापसी और आगे के दर्शन के लिए शरीर को आराम देना बेहतर रहेगा—गरम पानी, हल्का खाना और समय पर नींद यहाँ बहुत मदद करती है।

Day 3 · Mon, Jun 8
Kalimath

Return to Sersi and onward to Triyuginarayan and Kalimath

Getting there from Kedarnath
Helicopter back to Sersi/Phata/Guptkashi, then private taxi/jeep to Kalimath via Ukhimath (total 2.5–4 hours depending on road/transfer; book heli on the same platform as inbound). Depart as early as possible to make the day workable.
Full trek down to Gaurikund, then taxi to Kalimath (7–10+ hours total; cheapest but exhausting).
  1. केदारनाथ से वापसी हेलिकॉप्टर/ट्रेक डाउनKedarnath to Sersi — सुबह जल्दी लौटें; हेलो/ट्रांसफर ~8–10 मिनट, ट्रेक विकल्प ~6–7 घंटे, मौसम के अनुसार।
  2. त्रियुगीनारायण मंदिरTriyuginarayan village — शिव-पार्वती विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध; सुबह/दोपहर ~1.5 घंटे।
  3. कालीमठ शक्तिपीठKalimath — देवी साधना का अत्यंत पवित्र केंद्र, शांत वातावरण के लिए; दोपहर ~1 घंटा।
  4. ओंकारेश्वर मंदिरUkhimath — केदारनाथ जी की शीतकालीन गद्दी के दर्शन; दोपहर ~45 मिनट।
  5. स्थानीय ढाबा भोजनUkhimath/Guptkashi road — पहाड़ी थाली/चाय; ₹200–₹400 प्रति व्यक्ति, शाम ~1 घंटा।

सुबह: केदारनाथ से वापसी ✈️🕉️

आज की शुरुआत बहुत जल्दी रखें—केदारनाथ से सर्सी/फाटा/गुप्तकाशी की वापसी के लिए सबसे बेहतर है कि आप पहले ही हेलिकॉप्टर स्लॉट पकड़ लें, क्योंकि पहाड़ों में मौसम के कारण उड़ानें जल्दी बदलती हैं। अगर आप ट्रेक से उतर रहे हैं तो इसे लगभग पूरा दिन मानिए; इसलिए इस दिन का सबसे व्यावहारिक विकल्प हेलो रिटर्न ही है। नीचे उतरते ही जल्दी से फ्रेश होकर टैक्सी/जीप में बैठें, ताकि दिन का अगला हिस्सा आराम से निकल सके।

देर सुबह से दोपहर: त्रियुगीनारायण मंदिर 🕉️🔥

त्रियुगीनारायण मंदिर पहुँचते-पहुँचते यहाँ का माहौल बिल्कुल अलग लगता है—शिव-पार्वती विवाह स्थल की मान्यता के कारण यह जगह बहुत शांत और भावपूर्ण रहती है। मंदिर परिसर में लगभग 1–1.5 घंटे आराम से बिताइए; भीड़ कम हो तो पास के पत्थर वाले रास्तों पर थोड़ी देर बैठकर हिमालयी हवा महसूस करना अच्छा लगता है। दर्शन के बाद उखीमठ की तरफ बढ़ें, जहाँ ओंकारेश्वर मंदिर के लिए रास्ता आसानी से मिल जाता है। मंदिर के आसपास छोटे-छोटे चाय स्टॉल हैं; चाय और बिस्किट के साथ थोड़ा रुकना यहां की यात्रा का हिस्सा जैसा ही लगता है।

अपराह्न: कालीमठ शक्तिपीठ और ओंकारेश्वर मंदिर देवी-दर्शन 🌺🔱

दोपहर में कालीमठ शक्तिपीठ का वातावरण बहुत ही साधनात्मक और शांत रहता है—यहाँ शोर कम, श्रद्धा ज़्यादा महसूस होती है। लगभग 1 घंटा पर्याप्त रहता है, खासकर अगर आप बिना जल्दबाज़ी दर्शन करना चाहते हैं। इसके बाद ओंकारेश्वर मंदिर जाएँ, जो उखीमठ में केदारनाथ जी की शीतकालीन गद्दी के कारण बहुत महत्वपूर्ण है; यहाँ 30–45 मिनट में दर्शन हो जाते हैं। रास्ते में समय बचाने के लिए एक स्थानीय ढाबे पर रुककर पहाड़ी थाली, दाल-भात, आलू-गुड़ की सब्ज़ी और गरम चाय लें—आमतौर पर ₹200–₹400 प्रति व्यक्ति में अच्छा भोजन मिल जाता है।

शाम: सादगी से समापन और रात का आराम 🌙

शाम तक मौसम ढलने लगता है, इसलिए किसी एक शांत स्थान पर रुककर दिन की यात्रा को सहज गति से समेटें। अगर समय और ऊर्जा बची हो तो उखीमठ/गुप्तकाशी रोड पर थोड़ी देर टहलकर स्थानीय दुकानों से भुना हुआ चना, पहाड़ी नमक, या प्रसाद ले सकते हैं। आज का दिन बहुत धार्मिक, बहुत ऊँचाई वाला और थोड़ा थकाने वाला है—इसलिए रात में जल्दी आराम करना बेहतर रहेगा, ताकि अगले पड़ाव के लिए शरीर भी साथ दे और मन भी।

Day 4 · Tue, Jun 9
Chopta

Tungnath Temple visit from Chopta

Getting there from Kalimath
Private taxi/jeep via Ukhimath–Mandal–Makku Bend road (about 3–4.5 hours; ~₹2,500–₹4,500 per vehicle). Morning departure is best so you reach Chopta before midday.
Shared local jeep from Ukhimath/Guptkashi side to Chopta (slower and less reliable; ~₹300–₹600 per seat, usually arranged locally).
  1. चोपता से प्रस्थानChopta — सुबह 4:30–5:00 बजे निकलें; Tungnath trailhead तक पहुंचकर पार्किंग में वाहन छोड़ें।
  2. तृतीयक हिमालयी ट्रेक दृश्य बिंदुChopta–Tungnath route — रास्ते में बुग्याल और हिमालयी नज़ारे; सुबह ~1 घंटा।
  3. तृणगनाथ मंदिरTungnath — विश्व के ऊँचे शिव मंदिरों में से एक, मुख्य दर्शनीय स्थल; सुबह/दोपहर ~1.5 घंटे।
  4. चंद्रशिला व्यूपॉइंटAbove Tungnath — अगर मौसम/ऊर्जा अनुमति दे तो 360° हिमालय दृश्य के लिए; अतिरिक्त ~1–1.5 घंटे।
  5. चोपता कैफे / मैगी पॉइंटChopta market stretch — ट्रेक के बाद गरम चाय/मसाला मैगी; ₹120–₹250 प्रति व्यक्ति, देर दोपहर ~30–45।

सुबह: कालिमठ से चोपता की ओर प्रस्थान, फिर ट्रेक की शुरुआत 🕉️⛰️

आज चोपता पहुंचते ही दिन का असली मूड सेट हो जाता है—ठंडी हवा, देवदार के जंगल, और सामने खुलते बुग्याल। कालिमठ से Ukhimath–Mandal–Makku Bend वाली सड़क पकड़कर निकलें; रास्ता पहाड़ी है, इसलिए करीब 3–4.5 घंटे मानकर चलें और कोशिश करें कि सुबह 4:30–5:00 बजे के बीच निकल जाएं ताकि ट्रेक के लिए पर्याप्त दिन मिले। Chopta में पार्किंग सीमित होती है, इसलिए वाहन trailhead के पास छोड़कर हल्का बैग रखें; पानी, स्नैक्स, रेन-शेल और एक अतिरिक्त गर्म लेयर साथ होना चाहिए, क्योंकि यहां मौसम पल भर में बदलता है। ट्रेक शुरू करते ही रास्ते में जो हिमालयी व्यूपॉइंट्स और हरे बुग्याल मिलते हैं, वे खुद यात्रा का बड़ा हिस्सा हैं—धीरे चलें, फोटो के लिए 10–15 मिनट रोकें, और सांस फूलने पर रफ्तार न बढ़ाएं।

मध्याह्न: तृणगनाथ मंदिर दर्शन 🕉️🙏

लगभग 1.5 घंटे के शांत चढ़ाई वाले ट्रेक के बाद तृणगनाथ मंदिर पहुंचकर माहौल बिल्कुल बदल जाता है—यहां शांति, घंटियों की आवाज़, और ऊँचाई का एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलता है। मंदिर परिसर छोटा है, इसलिए दर्शन जल्दी और श्रद्धा से हो जाते हैं; आम तौर पर सुबह से दोपहर तक भीड़ सबसे कम रहती है, जो इस दिन के लिए अच्छा है। यहां फोटो लेते समय पूजा-स्थल की मर्यादा रखें, और अगर स्थानीय पुजारी उपलब्ध हों तो उनसे मंदिर की कथा सुनना अच्छा रहता है—छोटी-सी बातचीत भी यात्रा को ज्यादा अर्थपूर्ण बना देती है। मंदिर के आसपास हवा तेज हो सकती है, इसलिए रुकते समय टोपी/जैकेट संभालकर रखें।

दोपहर से शाम: चंद्रशिला व्यूपॉइंट और वापस चोपता में गर्म चाय ☕🌄

अगर मौसम साफ है और ऊर्जा बची है, तो तृणगनाथ मंदिर से आगे चंद्रशिला व्यूपॉइंट तक जाएं; अतिरिक्त 1–1.5 घंटे लगते हैं, लेकिन यहां से 360° हिमालयी दृश्य मिलते हैं जो अक्सर दिन का सबसे यादगार हिस्सा बन जाते हैं। हवा तेज और तापमान कम हो सकता है, इसलिए यह हिस्सा तभी करें जब बादल जल्दी न घिर रहे हों—मॉनसून-टाइप मौसम या धुंध में ऊपर न जाएं। वापसी में नीचे चोपता market stretch के मैगी पॉइंट या छोटे कैफे पर रुककर गरम चाय, मसाला मैगी, ऑमलेट, या सूप लें; आमतौर पर ₹120–₹250 प्रति व्यक्ति में बढ़िया हल्का खाना मिल जाता है। यहां से दिन को बहुत दौड़-भाग में खत्म करने के बजाय थोड़ा बैठकर, जूते ढीले करके, और पहाड़ों के सामने एक शांत विराम लेकर अगले पड़ाव की तैयारी करें।

Day 5 · Wed, Jun 10
Joshimath

Joshimath, Auli and Bhavishya Badri circuit

Getting there from Chopta
Private taxi/jeep via Chopta–Sari–Rudraprayag–Karnaprayag–Chamoli–Joshimath (about 7–9 hours; ~₹6,000–₹9,000 per vehicle). Start early morning; road is long and winding.
Shared taxi/bus combination via Rudraprayag/Karnaprayag to Joshimath (8–11 hours; ~₹600–₹1,200 per person, but schedules are inconsistent).
  1. ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) पहुंचJoshimath town — सुबह जल्दी बेस बनाएं, अगले पड़ाव के लिए आरामदायक शुरुआत; ~1–1.5 घंटे।
  2. नरसिंह मंदिरJoshimath main market — बदरीनाथ परंपरा से जुड़ा प्रमुख मंदिर; सुबह ~45 मिनट।
  3. विष्णुप्रयाग संगम व्यूJoshimath–Badrinath road — अलकनंदा का सुंदर संगम दृश्य, छोटा लेकिन महत्वपूर्ण पड़ाव; ~30 मिनट।
  4. औली रोपवे / औली व्यूपॉइंटAuli — हिमालय और घास के मैदानों के लिए; दोपहर ~2 घंटे, रोपवे/जीप योजना पहले करें।
  5. भविष्य बद्रीSubain, near Joshimath — कम भीड़ वाला पवित्र स्थल, आध्यात्मिक शांति के लिए; शाम ~1.5 घंटे।
  6. जोशीमठ में भोजनMain market — सूप/थाली/चाय; ₹250–₹500 प्रति व्यक्ति, शाम ~1 घंटा।

सुबह: जोशीमठ में आराम से पहुंचकर दिन की शुरुआत 🕉️⛰️

चोपता से लंबी, घुमावदार पहाड़ी ड्राइव के बाद जोशीमठ में थोड़ा रुककर सांस लें—यहां ऊंचाई के कारण पहली 15–20 मिनट हल्के-फुल्के रहें, पानी पीएं और भारी सामान होटल/गेस्टहाउस में छोड़ दें। जोशीमठ बाजार के आसपास ठहरना सबसे सुविधाजनक रहता है, क्योंकि आगे के सभी पड़ाव यहीं से आसान बनते हैं। अगर आपने अभी तक नाश्ता नहीं किया है, तो बाजार में किसी लोकल ढाबे पर पराठा, आलू पुरी या चाय ले लें; आमतौर पर ₹100–₹200 में काम बन जाता है। इसके बाद ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) की शांत, आध्यात्मिक शुरुआत करें—यह पूरा कस्बा ही तीर्थ-ऊर्जा से भरा लगता है, इसलिए तेज़ी नहीं, सहजता से चलना बेहतर रहता है।

दोपहर: नरसिंह मंदिर और विष्णुप्रयाग संगम व्यू 🛕🌊

अब जोशीमठ मुख्य बाजार के भीतर स्थित नरसिंह मंदिर जाएं, जो बदरीनाथ परंपरा का बहुत महत्वपूर्ण स्थल है। मंदिर आमतौर पर सुबह जल्दी खुल जाता है और शाम तक दर्शन संभव रहते हैं; भीड़ मौसम और तीर्थ-सीजन पर निर्भर करती है, इसलिए लगभग 45 मिनट पर्याप्त हैं। यहां से जोशीमठ–बदरीनाथ रोड पर थोड़ा आगे बढ़कर विष्णुप्रयाग संगम व्यू लें—अलकनंदा के संगम का दृश्य छोटा है, लेकिन बहुत प्रभावशाली। यहां रुककर 20–30 मिनट शांत बैठना अच्छा लगता है; फोटो के साथ-साथ बस बहती नदी को देखिए। सड़क किनारे सुरक्षित खड़े होकर ही दृश्य लें, क्योंकि पहाड़ी मोड़ संकरे होते हैं। फिर औली की ओर बढ़ें—रोपवे या जीप जो भी आपने पहले से प्लान किया हो, उसे समय पर पकड़ना सबसे अच्छा है, वरना शाम ढलते ही हवा ठंडी हो जाती है।

अपराह्न से शाम: औली की खुली चोटियां और फिर भविष्य बद्री की शांति 🌄🙏

औली रोपवे / औली व्यूपॉइंट पर पहुंचकर करीब 2 घंटे रखें, ताकि हड़बड़ी न हो। अगर रोपवे चल रहा हो तो उसका टिकट पहले से/काउंटर से लें; मौसम खराब हो तो जीप या स्थानीय ट्रांसफर विकल्प काम आते हैं। यहां की खुली ढलानें, देवदार और सामने दिखती हिमालयी चोटियां दिन का सबसे ताज़ा हिस्सा देती हैं—लंबे फोटो-स्टॉप के बजाय 15–20 मिनट चलकर अलग-अलग एंगल से नज़र डालें। इसके बाद वापस जोशीमठ–सुबैन क्षेत्र की ओर लौटकर भविष्य बद्री के लिए निकलें; यह स्थल अपेक्षाकृत कम भीड़ वाला है, इसलिए यहां वातावरण और अधिक शांत, ध्यानमय लगता है। लगभग 1.5 घंटे का समय रखें, और यदि संभव हो तो दर्शन के बाद कुछ मिनट मौन बैठें—यहां की ऊर्जा बहुत अलग महसूस होती है।

शाम: जोशीमठ मुख्य बाजार में हल्का भोजन और अगले दिन की तैयारी 🍲🕯️

दिन खत्म करने के लिए जोशीमठ मुख्य बाजार में किसी साफ-सुथरे लोकल रेस्टोरेंट या ढाबे पर सूप, सब्ज़ी-थाली, चाय या मैगी लें; आम तौर पर ₹250–₹500 प्रति व्यक्ति में अच्छा भोजन मिल जाता है। मेरे हिसाब से इस इलाके में बहुत भारी खाना नहीं करना चाहिए—कल की यात्रा और ऊंचाई दोनों को ध्यान में रखकर हल्का खाना बेहतर रहता है। बाजार में शाम के समय छोटी-छोटी दुकानों से रेनकोट, ऊनी मोज़े, स्नैक्स, और पानी भी मिल जाता है। अगर समय बचता है, तो बस थोड़ी देर जोशीमठ की ठंडी हवा में टहल लीजिए—आज का दिन दर्शन, पहाड़ और शांति, तीनों का सुंदर संतुलन है।

Day 6 · Thu, Jun 11
Badrinath

Badrinath Darshan

Getting there from Joshimath
Shared taxi/jeep or private cab on NH 7 / Badrinath Road (1.5–2 hours; shared ~₹200–₹300 per seat, private cab ~₹2,000–₹3,500 per vehicle). Leave around 6:00 AM as planned to clear the road and reach before crowds.
Local bus/tempo traveler from Joshimath bus stand (2–2.5 hours; cheapest at ~₹80–₹150, but less comfortable).
  1. बदरीनाथ धाम के लिए सुबह प्रस्थानJoshimath to Badrinath road — सुबह 6:00 बजे निकलें; सड़क ~1.5–2 घंटे, मौसम और चेकपोस्ट समय रखें।
  2. बदरी विशाल मंदिरBadrinath Temple area — यात्रा का शीर्ष आध्यात्मिक पड़ाव; सुबह ~2–3 घंटे, दर्शन कतार समय जोड़ें।
  3. तप्त कुंड स्नानNear Badrinath Temple — मंदिर दर्शन से पहले/बाद गर्म पवित्र जल का अनुभव; ~30–45 मिनट।
  4. माना रोड / व्यूपॉइंट्सBadrinath outskirts — अलकनंदा घाटी के दृश्य और शांत ठहराव; दोपहर ~45 मिनट।
  5. सतोपंथ/स्थानीय प्रसाद व भोजनBadrinath market — गर्म खिचड़ी, पूड़ी-सब्ज़ी, चाय; ₹250–₹450 प्रति व्यक्ति, शाम ~1 घंटा।

सुबह: जोशीमठ से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान 🕉️🚗

आज सबसे अच्छा है कि आप सुबह 6:00 बजे जोशीमठ से निकल जाएँ, ताकि NH 7 / बदरीनाथ रोड पर ट्रैफिक और चेकपोस्ट की भीड़ से पहले आगे बढ़ सकें। रास्ता आम तौर पर 1.5–2 घंटे में पूरा हो जाता है, लेकिन पहाड़ी मौसम, सड़क कार्य, और तीर्थयात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखकर थोड़ा अतिरिक्त समय रखें। अगर आप साझा जीप से जा रहे हैं तो सीट पहले से कन्फर्म कर लें; निजी टैक्सी लेने पर सामान और रुकने-उतरने में आसानी रहती है। बदरीनाथ मंदिर परिसर के पास पार्किंग सीमित होती है, इसलिए गाड़ी से उतरते ही मंदिर-क्षेत्र के लिए पैदल मूवमेंट के लिए तैयार रहें। 🕉️

प्रातः दर्शन: बदरी विशाल मंदिर और तप्त कुंड 🔔🔥

बदरीनाथ धाम पहुंचकर पहले तप्त कुंड में स्नान करें—सुबह के समय पानी गर्म, भापदार और बहुत ही सुकून देने वाला लगता है। स्नान के बाद बदरी विशाल मंदिर की ओर जाएँ; यहाँ दर्शन के लिए आम तौर पर 2–3 घंटे का समय मानना समझदारी है, खासकर अगर कतार लंबी हो। मंदिर परिसर में जूते, मोबाइल और बड़े बैग के लिए व्यवस्था सीमित हो सकती है, इसलिए हल्का सामान रखें। भीड़ के समय शांत रहकर लाइन में लगें—यहाँ यात्रा का असली अनुभव जल्दीबाज़ी से नहीं, धैर्य से मिलता है। अगर मौसम साफ हो तो मंदिर के आसपास की सफेद चोटियाँ और अलकनंदा की आवाज़ पूरा माहौल भक्ति से भर देती है। 🌸

दोपहर: माना रोड और आसपास के व्यूपॉइंट्स ⛰️📿

दर्शन के बाद थोड़ी देर आराम करके माना रोड की तरफ निकलें। यहाँ छोटे-छोटे व्यूपॉइंट्स पर रुककर अलकनंदा घाटी के नज़ारे देखना बहुत अच्छा लगता है—खासतौर पर दोपहर की रोशनी में पहाड़ों की परतें साफ दिखती हैं। इस हिस्से के लिए लगभग 45 मिनट रखें, ताकि आप बिना हड़बड़ी के कुछ तस्वीरें ले सकें और ठंडी हवा में थोड़ी देर ठहर सकें। रास्ते में सड़क किनारे स्थानीय दुकानों पर गर्म चाय मिल जाती है; बस ऊँचाई के कारण धीरे चलें और पानी पीते रहें। 📿

शाम: बदरीनाथ बाजार में सतोपंथ-स्टाइल भोजन और प्रसाद 🍲🙏

शाम को वापस बदरीनाथ बाजार में आकर गर्म, सादा भोजन लेना सबसे अच्छा रहता है—जैसे खिचड़ी, पूड़ी-सब्ज़ी, कढ़ी, या गरम चाय। कई छोटे ढाबों और भोजनालयों में थाली आम तौर पर ₹250–₹450 प्रति व्यक्ति के आसपास मिल जाती है, और यही समय है जब यात्रा का दिन आराम से खत्म होता है। चाहें तो स्थानीय प्रसाद और छोटी पूजा-सामग्री भी यहीं से ले सकते हैं। बहुत भारी खाना न लें; ऊँचाई पर हल्का भोजन और जल्दी आराम करना अगले दिन की यात्रा के लिए बेहतर रहता है। 🕉️

Day 7 · Fri, Jun 12
Rudraprayag

Mana Village and return to Rudraprayag

Getting there from Badrinath
Private taxi/jeep via Badrinath–Joshimath–Karnaprayag–Rudraprayag (about 5.5–7.5 hours; ~₹5,000–₹8,000 per vehicle). Best to depart 1:00–2:00 PM after Mana so you arrive by evening.
Shared jeep/bus to Rudraprayag (6.5–9 hours; ~₹500–₹900 per person, but may require waiting for a full vehicle).
  1. माणा गाँव के लिए प्रस्थानBadrinath to Mana — सुबह 7:00 बजे निकलें; सड़क ~15–20 मिनट, ठंड के लिए ऊनी कपड़े रखें।
  2. व्यास गुफाMana Village — वेद-पुराण परंपरा से जुड़ी अद्भुत गुफा; सुबह ~45 मिनट।
  3. गणेश गुफाMana Village — पौराणिक लेखन स्थल के रूप में प्रसिद्ध; ~30 मिनट।
  4. भीम पुलMana Village — सरस्वती नदी पर प्राकृतिक शिला-पुल, फोटो और दर्शन के लिए; ~30–40 मिनट।
  5. माना हाट / स्थानीय चायMana Village market — तिब्बती/गढ़वाली नाश्ता और चाय; ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति, देर सुबह ~45 मिनट।
  6. रुद्रप्रयाग वापसीMana to Rudraprayag via Badrinath–Joshimath route — दोपहर 1:00–2:00 बजे तक निकलें; ~5–6 घंटे, शाम तक Rudraprayag में चेक-इन।

सुबह: बदरीनाथ से माणा गाँव की ओर पवित्र प्रस्थान 🕉️🚗

आज सुबह 7:00 बजे के आसपास बदरीनाथ से माणा गाँव के लिए निकलें। यह दूरी बहुत छोटी है—लगभग 15–20 मिनट—लेकिन रास्ते में ठंड, तेज हवा और ऊँचाई का असर महसूस होता है, इसलिए ऊनी जैकेट, कैप और पानी साथ रखें। माणा में गाड़ी आम तौर पर मुख्य बस्ती के पास रुकती है; यहाँ से आगे की जगहें पैदल आराम से देखी जाती हैं, इसलिए जूते ग्रिप वाले पहनना बेहतर रहेगा। शुरुआत में माहौल बहुत शांत रहता है, और सुबह की रोशनी में पूरा गांव बहुत सुंदर लगता है।

दर्शन: व्यास गुफागणेश गुफाभीम पुल 🛕✨

सबसे पहले व्यास गुफा जाएँ, जहाँ परंपरा के अनुसार वेदों और पुराणों का उच्चारण/लेखन जुड़ा माना जाता है। यहाँ 30–45 मिनट शांति से बिताइए—भीड़ कम हो तो ध्यान और दर्शन के लिए यही सबसे अच्छा समय है। इसके बाद पास ही गणेश गुफा चलें; यह छोटा लेकिन बहुत महत्वपूर्ण स्थान है, जहाँ लोग पौराणिक कथाओं के कारण रुककर प्रणाम करते हैं। फिर भीम पुल की ओर बढ़ें—यह सरस्वती नदी पर बना प्राकृतिक शिला-पुल है, और फोटो के लिए सुबह की धूप सबसे अच्छी पड़ती है। पूरे इस हिस्से में कुल मिलाकर 1.5–2 घंटे आराम से लगेंगे, और रास्ते में स्थानीय लोगों की छोटी दुकानों से प्रसाद या पानी लिया जा सकता है।

देर सुबह: माणा हाट में चाय, नाश्ता और थोड़ी धीमी रफ्तार ☕🍜

दर्शन के बाद माणा हाट या गांव के छोटे-से लोकल चाय-पॉइंट पर रुकिए। यहाँ तिब्बती/गढ़वाली चाय, मैगी, पराठा, सूप या हल्का नाश्ता आसानी से मिल जाता है; आमतौर पर ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति में आराम से हो जाता है। यह वही समय है जब आप बिना जल्दबाज़ी के बैठकर पहाड़ का दृश्य, गांव की रौनक और यात्रा की थकान को थोड़ा संभाल सकते हैं। अगर मौसम साफ हो तो 20–30 मिनट बस बैठकर आसपास का माहौल महसूस करें—यही इस दिन की सबसे अच्छी “पॉज़” है।

दोपहर से शाम: रुद्रप्रयाग वापसी via बदरीनाथ–जोशीमठ–कर्णप्रयाग मार्ग 🛣️🕉️

दोपहर 1:00–2:00 बजे के बीच माणा गाँव से वापसी शुरू करें, ताकि पहाड़ी मोड़ों, ट्रैफिक और संभावित सड़क-रोक को पार करते हुए शाम तक रुद्रप्रयाग पहुँच सकें। यह सफर लगभग 5.5–7.5 घंटे का है, इसलिए रास्ते में बहुत ज्यादा स्टॉप न रखें—बस ज़रूरत पड़ने पर हल्का चाय/टॉयलेट ब्रेक लें। अगर चाहें तो जोशीमठ या कर्णप्रयाग के पास केवल थोड़ा सा stretch-break ले सकते हैं, लेकिन मुख्य फोकस समय पर रुद्रप्रयाग में चेक-इन करना होना चाहिए। रात को आराम, गर्म खाना और अगले दिन की यात्रा की तैयारी करें—आज का दिन वास्तव में धर्म, प्रकृति और पहाड़ी शांति का सुंदर संगम है।

Day 8 · Sat, Jun 13
Haridwar

Rudraprayag to Haridwar return

Getting there from Rudraprayag
Private taxi/jeep via NH 7 through Srinagar and Devprayag to Haridwar (7–9 hours; ~₹5,500–₹8,500 per vehicle). Depart 5:30–6:00 AM to beat traffic and still arrive in time for an evening Har Ki Pauri visit.
Shared bus from Rudraprayag bus stand to Haridwar/Rishikesh (8–11 hours; ~₹300–₹700 per person, cheapest but slower and less predictable).
  1. रुद्रप्रयाग से हरिद्वार प्रस्थानRudraprayag to Haridwar — सुबह 5:30–6:00 बजे निकलें; सड़क ~7–9 घंटे, ट्रैफिक/ब्रेक को ध्यान में रखें।
  2. श्री रुद्रनाथ मंदिर / रुद्रप्रयाग संगम व्यूRudraprayag town — विदाई से पहले अलकनंदा–मंदाकिनी संगम का अंतिम दर्शन; ~30–45 मिनट।
  3. कर्णप्रयाग या श्रीनगर में जलपान विरामRoute stop — यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए चाय/नाश्ता; ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति, ~30 मिनट।
  4. हरिद्वार पहुंचकर हर की पैड़ीHar Ki Pauri, Haridwar — यात्रा समाप्ति पर गंगा आरती/दर्शन; शाम ~1.5–2 घंटे, भीड़ के अनुसार समय रखें।
  5. स्थानीय भोजनHaridwar market — कचौड़ी, आलू पूड़ी, लस्सी; ₹150–₹350 प्रति व्यक्ति, रात ~1 घंटा।

सुबह: रुद्रप्रयाग से विदाई और आख़िरी संगम-दर्शन 🕉️🌊

आज की शुरुआत सुबह 5:30–6:00 बजे कर देना सबसे सही रहेगा, ताकि लंबी वापसी यात्रा आराम से हो सके और रास्ते में ब्रेक्स के लिए भी समय मिले। निकलने से पहले रुद्रप्रयाग संगम व्यू पर 30–45 मिनट रुककर अलकनंदा और मंदाकिनी के पवित्र संगम का आख़िरी शांत दर्शन कर लें—यही इस यात्रा का सबसे सुंदर विदाई-पल होता है। अगर मन हो तो पास के स्थानीय चाय-स्टॉल पर एक कप गरम चाय लेकर चलें; पहाड़ की सुबह में वही सबसे अच्छा साथ देती है। यहाँ से हरिद्वार की ओर निकलते समय हल्का नाश्ता साथ रखिए और ड्राइवर से पहले ही कह दीजिए कि श्रीनगर या कर्णप्रयाग के आसपास 20–30 मिनट का रुकाव ज़रूरी होगा।

दोपहर: रास्ते में कर्णप्रयाग / श्रीनगर में जलपान विराम ☕🍽️

यात्रा का यह हिस्सा धीमे-धीमे, बिना जल्दबाज़ी के करना चाहिए—इस रूट पर सड़क मोड़दार है, इसलिए बीच-बीच में पैर फैलाना और पानी पीना अच्छा रहता है। कर्णप्रयाग या श्रीनगर में किसी साफ़ ढाबे/कैफ़े पर रुककर कचौड़ी, आलू-पूड़ी, समोसा, अदरक वाली चाय ले सकते हैं; सामान्य खर्च ₹150–₹300 प्रति व्यक्ति के आसपास रहता है। अगर आप शुद्ध और आसान खाना चाहते हैं, तो भीड़ वाले हाईवे-स्टॉल से बचकर सुबह/दोपहर के समय चलने वाले परिवार-ढाबे चुनें—यहीं भोजन ताज़ा और पेट के लिए हल्का मिलता है। इस हिस्से में थोड़ी सुस्ती आना सामान्य है, इसलिए तेज़ी करने के बजाय आराम से बैठकर अगली ड्राइव के लिए तैयार हो जाइए।

शाम: हरिद्वार पहुंचकर हर की पैड़ी और गंगा आरती 🙏🔥

अगर आप सुबह 5:30–6:00 बजे रवाना होते हैं, तो सामान्य ट्रैफिक में दोपहर/शाम तक हरिद्वार पहुंच जाना चाहिए; चेकपोस्ट, रोडवर्क और मौसम के कारण 1–2 घंटे ऊपर-नीचे हो सकते हैं। पहुंचते ही होटल में 30–45 मिनट आराम कर लें और फिर हर की पैड़ी जाएँ—गंगा किनारे बैठकर संध्या आरती देखना इस पूरे यात्रा-क्रम का सबसे भावनात्मक समापन होता है। भीड़ ज़्यादा हो तो सीढ़ियों के किनारे या थोड़ी ऊँचाई वाले शांत स्थान से आरती देखने में मज़ा आता है; जूते सुरक्षित रखें और नदी किनारे हवा के लिए हल्की शॉल साथ रखें। आरती के बाद हरिद्वार बाजार में कचौड़ी, आलू पूड़ी, लस्सी और मिठाई के लिए बहादराबाद रोड या रेलवे स्टेशन के पास वाले स्थानीय खाने-ठिकानों पर जा सकते हैं—रात के खाने का बजट लगभग ₹150–₹350 प्रति व्यक्ति रखें। अगर चाहें तो लौटते समय ब्रह्मकुंड के पास थोड़ा शांत समय निकालिए; इतनी लंबी आध्यात्मिक यात्रा के बाद यही सबसे अच्छा “धीरे-धीरे वापस आना” होता है।

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Plan Your USING THIS IMAGE CREATE JOURNEY DETAILS IN HINDI WITH RELIGIOUS ICON AND IMAGES FOR EACH PLACE FROM HARIDWAR RLY STATION (JOURNEY STRATING POINT -EARLY MORNING 3:30AM AT 6-JUN-2026) -> MOVE TO DEVPRAYAG(6-JUN-2026)-> DARSHAN OF MAA DHARA DEVI(6-JUN-2026) ->RUDRAPRAYAG(6-JUN-2026)->KASHI VISHWANATH,GUPTKASHI(6-JUN-2026)->SERSI HELIPAD(07-JUN-2026)->SHREE KEDARNATH DHAM(07-JUN-2026 - SUNDAY)-> SHREE BHUKUT BHAIRAV(07-JUN-2026 - SUNDAY)->BACK TO SERSI HELIPAD-(08-JUN-2026 - MORNING)>DARSHAN AT TRIJUGINARAYAN TEMPLE (08-JUN-2026 - MONDAY)->KALIMATH SHAKTIPEETH(08-JUN-2026 - MONDAY)->OMKARESHWAR MANDIR(08-JUN-2026 - MONDAY)->TUNGNATH TEMPLE,CHOPTA(09-JUN-2026 - TUESDAY)->NARSHIMA MANDIR, JOSHIMATH(10-JUN-2026 - WEDNESDAY)->AULI(10-JUN-2026 - WEDNESDAY)->BHAVISHYA BADRI(10-JUN-2026 - WEDNESDAY)-> SHREE BADRINATH(11-JUN-2026 - THURSDAY)->MANA VILLAGE(12-JUN-2026 - FRIDAY)->BACK TO RUDRA PRYAG & STAY HERE (12-JUN-2026 - FRIDAY)->HARIDWAR(13-JUN-2026 - SATURDAY) Trip