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आठ दिन के टिरुपति पर्यटन योजना

मंगलवार, 15 अगस्त: बालाजी मंदिर

अपनी यात्रा की शुरुआत टिरुपति के प्रमुख आकर्षण, श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर से करें। सुबह को आराम से श्री वेंकटेश्वर देवालय में दर्शन करें। दोपहर में टिरुपति में स्थित श्रीवरि पादलू वारी देवालय में जाएं और वहां पूजा करें। शाम को संत आंगड़ दास मंदिर की यात्रा करें और उसकी मन्दिर शोभा का आनंद लें।

  • श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर: किराया नहीं, ३ घंटे
  • श्रीवरि पादलू वारी देवालय: किराया नहीं, २ घंटे
  • संत आंगड़ दास मंदिर: किराया नहीं, २ घंटे
बुधवार, 16 अगस्त: तळकोटा गंगा

सुबह को तळकोटा गंगा के मंदिर पर यात्रा करें और वहां की सुंदर वातावरण का आनंद लें। दोपहर में रामालयम गंगा देवालय की यात्रा करें और उसके आस-पास के स्थानों का भ्रमण करें। शाम को टिरुपति के श्री कापिलेश्वर स्वामी मंदिर में उपासना करें और धार्मिक सुंदरता का लुफ्त उठाएं।

  • तळकोटा गंगा: किराया नहीं, २ घंटे
  • रामालयम गंगा देवालय: किराया नहीं, ३ घंटे
  • श्री कापिलेश्वर स्वामी मंदिर: किराया नहीं, २ घंटे
गुरुवार, 17 अगस्त: श्री काळहस्तीश्वर स्वामी मंदिर

सुबह को श्री काळहस्तीश्वर स्वामी मंदिर में आराम से जाएं और उसके भव्यतम मंदिरों का दर्शन करें। दोपहर में महालक्ष्मी तेंपल में पूजा करें और धार्मिक आनंद का आनंद लें। शाम को श्री वारि वेंकटाचलपति स्वामी मंदिर में जाएं और उसकी गुमटी और व्रतकारी सुंदरता का मजा लें।

  • श्री काळहस्तीश्वर स्वामी मंदिर: किराया नहीं, ३ घंटे
  • महालक्ष्मी तेंपल: किराया नहीं, २ घंटे
  • श्री वारि वेंकटाचलपति स्वामी मंदिर: किराया नहीं, ३ घंटे
शुक्रवार, 18 अगस्त: हनुमान वानम

सुबह को हनुमान वानम जंगल में यात्रा करें और उसकी प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। दोपहर में ताप्त कुंड में स्नान करें और अपने शरीर को शुद्ध करें। शाम को टिरुपति श्री विरुपाक्षीश्वर स्वामी मंदिर में उपासना करें और उसकी मनोहारी सुंदरता का आनंद लें।

  • हनुमान वानम: किराया नहीं, ३ घंटे
  • ताप्त कुंड: किराया नहीं, २ घंटे
  • श्री विरुपाक्षीश्वर स्वामी मंदिर: किराया नहीं, ३ घंटे
शनिवार, 19 अगस्त: श्री पद्मावती अम्मा वारी देवालय

सुबह को श्री पद्मावती अम्मा वारी देवालय में जाएं और उसके शांतिपूर्ण वातावरण का आनंद लें। दोपहर में श्री कापिलेश्वर स्वामी मंदिर की यात्रा करें और उसके आस-पास के स्थानों का भ्रमण करें। शाम को जापाली तीर्थ में स्नान करें और अपने आप को ताजगी और शुद्धता से पुनर्जीवित करें।

  • श्री पद्मावती अम्मा वारी देवालय: किराया नहीं, ३ घंटे
  • श्री कापिलेश्वर स्वामी मंदिर: किराया नहीं, ३ घंटे
  • जापाली तीर्थ: किराया नहीं, २ घंटे
रविवार, 20 अगस्त: वेंकटेश्वर पर्वत

सुबह को टिरुपति के प्रमुख पर्वत, श्री वेंकटेश्वर पर्वत पर जाएं और वहां की शानदार प्राकृतिक सुंदरता का आनं

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