प्रातः: केदारनाथ यात्रा शुरू करते ही, आप अपने निकटतम शहर गुप्तकाशी के नामस्थान जा सकते हैं। यहाँ पर श्री केदारनाथ मंदिर का राजस्थानी शैली में बना हुआ भव्य निर्माण है।
दोपहर: गुप्तकाशी के निकट छोटे गांव जोशीमठ में जाकर, आदि शङ्कराचार्य द्वारा बनाई गई श्री गंगोत्री मंदिर देख सकते हैं।
शाम: अपने दिन को गुप्तकाशी के सुंदर तटों पर गुजारें और खूब सारी तस्वीरें क्लिक करें।
प्रात: त्रियुगीनारायण मंदिर को देखने के लिए जल्दी उठें। यह मंदिर चौखंबा जोत, नंदाकिनी और पिण्डर नदी के संगम पर स्थित है।
दोपहर: अपने दिन को गुप्तकाशी की शांत वातावरण में बिताकर खास भोजन का आनंद लें।
शाम: अपनी शाम को गुप्तकाशी के सुंदर तटों पर गुजारें और खूब सारी तस्वीरें क्लिक करें।
प्रात: सुबह जल्दी उठकर वासुकी ताल जाएं। यह अत्यंत सुंदर जलस्थल है और सुबह की खुशबूएं आपको भावनाओं में ले जाएँगी।
दोपहर: वासुकी ताल के किनारे लंगर खाएं और कुछ विश्राम करें।
शाम: अपनी शाम को केदारनाथ में घूमते हुए बिताएं और इस महान मंदिर के इतिहास और महत्व को जानें।
प्रात: गोरखनाथ मंदिर को देखने के लिए जल्दी उठें। यह उत्तराखंड के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है।
दोपहर: अपने दिन को खास भोजन के साथ गुजारें।
शाम: अपनी शाम को केदारनाथ के चौक में गुमने में बिताएं और स्थानीय बाजार में घूमें।
प्रातः: रुद्रप्रयाग आपके अंतिम दिन के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प हो सकता है। यह पंचप्रयागों में एक है और भगीरथी और अलकनंदा नदी के संगम पर स्थित है।
दोपहर: रुद्रप्रयाग के निकट छोटे गांव और मंदिरों का भ्रमण करें।
शाम: रुद्रप्रयाग के सुंदर तटों पर अपनी शाम को गुजारें और खूब सारी तस्वीरें क्लिक करें।
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